Friday, June 5, 2020

ज्योतिष शास्त्र – अध्याय 1

0
पहले ये वीडियो देखें, फिर आगे पढ़ें | लोकानामन्तकृत्कालः कालोन्यः कल्नात्मकः |स द्विधा स्थूल सुक्ष्मत्वान्मूर्त...

वारों के नाम कैसे रखे गए ? सोमवार के बाद मंगलवार ही क्यों ?

0
इस बार की बालसंस्कारशाला 16 में बच्चों को बताया कि सोमवार के बाद मंगलवार ही क्यों आता है और शनिवार के बाद...

बालसंस्कारशाला 15

0
इस बार की बालसंस्कारशाला में राशिचक्र के बारे में बताया, कि कैसे 360 डिग्री का एक राशिचक्र होता है और 12...

बालसंस्कारशाला – 14

0
बालसंस्कारशाला (स्टोरीटेलिंग) - 12--------------------------------------- इस बार की बालसंस्कारशाला में बच्चों को ज्योतिष में से राशियाँ पढ़ाने के लिए,...

नक्षत्रों का फल

0
नक्षत्रानुसार प्रभाव – जातक पर नक्षत्र का बहुत प्रभाव पड़ता है | अतः नक्षत्रानुसार जातक पर पड़ने वाला प्रभाव आगे दिया गया है | अश्विनी...

अध्याय 5 – ज्योतिष शास्त्र

0
अध्याय - ५ हमने अध्याय 1 के अंत में संक्षेप में लिखा था कि प्रत्येक नक्षत्र को चार चरणों में बांटा गया है | एक...

कथाओ में ज्योतिष !

0
श्रीमते विदुषे यूने कुलीनाय यशस्विने, उदाराय सनाथाय कन्या देय वराय वै | - १ एकतः पृथिवी कृत्स्ना सशैलवनकानन, स्वलन्कृतोपाधिहीना सुकन्या चैकतः स्मृता | विक्रीणीते यश्च कन्यामश्वम्...

अध्याय 4 – ज्योतिष शास्त्र

4
जन्म कुंडली बनाने के साधन - जन्म कुंडली निम्नलिखित ३ साधनों से बनाई जा सकती है | 1. विभिन्न प्रकाशकों की Table of Ascendant के...

अध्याय ३ – ज्योतिष शास्त्र

0
अध्याय ३ अब हम थोडा और आगे बढ़ेंगे | जैसे जैसे हम आगे बढ़ते हैं, वैसे वैसे हमारा वास्ता पंचांग और कैलेंडर से पड़ता जायेगा...

अध्याय 2

0
अध्याय २ योजनानि शतान्यष्टो भूकर्णों द्विगुणानि तु | तद्वर्गतो दशगुणात्पदे भूपरिधिर्भवते || अर्थात पृथ्वी का व्यास ८०० के दूने १६०० योजन है, इसके वर्ग का १० गुना...