Tag Archive: तीर्थ

Mar 27

भगवान् शिव की पूजा और फल

 यह सन्दर्भ तब का है जब कार्तिकेय ने तारकासुर का वध किया किन्तु यह सोच कर दुखी होने लगे कि मैंने शिव भक्त का वध किया अतः इस शोक से निकलने के लिए मुझे प्रायश्चित करना चाहिए । भगवान् विष्णु ने तब कार्तिकेय को नाना प्रकार से समझाया किन्तु वे नहीं माने तब भगवान् विष्णु …

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Mar 19

माता-पिता का महत्व

पिता स्वर्गः पिता धर्मः पिता हि  परमं तपः । पितरि प्रितिमापन्ने सर्वाः प्रोणन्ति देवताः ।। यह सन्दर्भ चिरकारी की कथा से लिया गया है जिसमें चिरकारी माता और पिता के महत्त्व को लेकर असमंजस में हैं । उनके पिता ने उन्हें अपनी माता का वध करने का आदेश दिया । क्योंकि वो चिरकारी थे अतः …

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Nov 11

तीर्थ क्या हैं ?

जायन्ते च भ्रियन्ते च जलेप्वेव जलौकसः। न च गच्छअन्ति ते स्वर्गमविशुदहमनोमलाः ।। चित्तमंतर्गतम दुष्टं तीर्थस्नानंच शुध्यति । शतशोअपि जलैधौतम सुराभाण्डमिवाशुची ।। सार : अगत्स्य ने लोपामुद्रा से कहा – निष्पापे ! मैं मनासतीर्थो का वर्णन करता हूँ, सुनो । इन तीर्थों मैं स्नान करके  मनुष्य परम गति को प्राप्त होता है । सत्य, क्षमा, इन्द्रिसंयम, …

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