Category Archive: व्याकरण

Dec 06

अघोरी बाबा की गीता – भाग 1

रोजाना की तरह मैं अपने आफिस से घर जा रहा था । एक हाथ में स्टीयरिंग, एक हाथ मे मोबाइल और कार में भजन, जैसा रोज होता है । अचानक मेरे अवचेतन मस्तिष्क ने कार में जोरदार ब्रेक लगाये । सामने देखा तो एक बाबा, लंबी जटाओं वाले, भगवा कपड़े पहने, कार के सामने खड़े …

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Oct 11

प्रणव क्या है ?

यो विद्याचतुरो वेदान साङ्गोपानिषदो द्विजः | न चेत पुराणं सविद्यावैध्यं स ख्यातिचक्षणः || इतिहास्पुराणास्थां वेदं समुपर्वह्येत | विभेत्वल्प्श्रुताद वेदो मामर्थं प्रहरिष्यति || अर्थ – अङ्ग और उपनिषद के सहित चारो वेदों का अध्ययन करके भी, यदि पुराणों को नहीं जाना गया तो ब्राहमण विचक्षण नहीं हो सकता; क्योंकि इतिहास पुराण के द्वारा ही वेद की …

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Sep 20

माहेश्वर सूत्र

“नृत्यावसाने नटराज राजः ननाद ढक्वाम नवपंच वारम। उद्धर्तु कामाद सनकादि सिद्धै एतत्विमर्शे शिव सूत्र जालम।” अर्थात नृत्य की समाप्ति पर भगवान शिव ने अपने डमरू को विशेष दिशा-नाद में चौदह (नौ+पञ्च वारम) बार चौदह प्रकार की आवाज में बजाया। उससे जो चौदह सूत्र बजते हुए निकले उन्हें ही “शिव सूत्र” या माहेश्वर सूत्र के नाम से …

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