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2 thoughts on “चर्चा क्षेत्र

  1. अहिंसा परमो धर्म:
    धर्महिंसा तथैव च |

    यह वाक्य गलत है | ….. क्यों और कैसे ?

    1. जी, ये वाक्य शास्त्रोक्त नहीं है | ऐसा किसी सनातन शास्त्र में नहीं लिखा हुआ है | अहिंसा परमो धर्मः तक ही लिखा हुआ है, महाभारत में | उसके आगे की लाइन किसी ने जान बूझ कर जोड़ी है, हिंसा फैलाने के उद्देश्य से |

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